
नई दिल्ली: कल्पना कीजिए कि आज आप जिस कुर्सी पर बैठे हैं, वह नौकरी 5 साल बाद इस दुनिया में होगी ही नहीं। जी हाँ, यह कोई काल्पनिक बात नहीं, बल्कि एक कड़वी हकीकत है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की एक ताज़ा रिपोर्ट कहती है कि साल 2030 तक, दुनिया भर की 85% नौकरियाँ ऐसी होंगी, जो आज अस्तित्व में भी नहीं हैं। हैरान कर देने वाली बात यह है कि अगर हमने अपने हुनर को अपडेट नहीं किया, तो हमारी मौजूदा स्किल्स का लगभग 39% हिस्सा 2025-2030 तक बेकार हो जाएगा।
इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह Artificial Intelligence यानी AI है। गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि AI अगले 5-10 सालों में करीब 6-7% कर्मचारियों की जगह ले लेगा। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या आप इस बदलाव के लिए तैयार हैं? अगर नहीं, तो घबराने की जगह अभी से कुछ नए हुनर सीखना शुरू कर दीजिए। आइए जानते हैं उन 7 सबसे ज़्यादा डिमांड वाली स्किल्स के बारे में, जो आपको 2030 की दुनिया में न सिर्फ़ नौकरी दिलाएँगी, बल्कि आपको करियर की बुलंदियों पर भी पहुँचाएँगी।
1. पायथन प्रोग्रामिंग (Python Programming)
क्यों है ज़रूरी?
मेटा के CEO मार्क ज़ुकरबर्ग ने खुद फेसबुक के महत्वपूर्ण हिस्सों को दोबारा बनाने के लिए पायथन को चुना था। लिंक्डइन के मुताबिक, आज 19 लाख से ज़्यादा नौकरियों में पायथन आना ज़रूरी है और AI तथा डेटा के बढ़ते इस्तेमाल के चलते इसकी डिमांड और बढ़ेगी।
क्या है?
पायथन दुनिया की सबसे आसान और ताकतवर प्रोग्रामिंग भाषाओं में से एक है। इसे कोई भी व्यक्ति बिना कोडिंग नॉलेज के आसानी से सीख सकता है।
करियर और कमाई:
यह स्किल AI, डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, वेब डेवलपमेंट और साइबर सिक्योरिटी के दरवाज़े खोलती है। एक पायथन डेवलपर शुरुआत में ही ₹5-6 लाख सालाना कमा सकता है और एक्सपर्ट बनने पर ₹20 लाख सालाना तक की कमाई कर सकता है।
कहाँ सीखें?
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University of Michigan का “Python for Everybody” कोर्स Coursera पर मुफ़्त में उपलब्ध है।
2. डेटा एनालिटिक्स (Data Analytics)
क्यों है ज़रूरी?
हेल्थकेयर, रिटेल, फाइनेंस, टेक—हर इंडस्ट्री अब डेटा के आधार पर फैसले ले रही है। एक डेटा एनालिस्ट की भूमिका ‘फ्यूचर-प्रूफ’ है क्योंकि AI अभी भी इंसानी सोच (Critical Thinking) और क्रिएटिविटी की जगह नहीं ले सकता।
क्या है?
इसमें डेटा को इकट्ठा करना, साफ़ करना, उसका विश्लेषण करना और business के लिए उपयोगी निष्कर्ष निकालना शामिल है।
कमाई:
एक फ्रेशर ₹2-6 लाख सालाना से शुरुआत कर सकता है और अनुभव के साथ उसकी सैलरी ₹14 लाख सालाना से भी ऊपर पहुँच सकती है।
ज़रूरी स्किल्स:
Excel, SQL, R प्रोग्रामिंग, डेटा क्लीनिंग और विज़ुअलाइज़ेशन टूल्स (जैसे Power BI) का ज्ञान।
कहाँ सीखें?
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Google का “Data Analytics Certificate” कोर्स Coursera पर मुफ़्त है।
3. यूएक्स डिज़ाइन (UX Design)
क्यों है ज़रूरी?
अगर आपकी रुचि टेक और क्रिएटिविटी में है, लेकिन आप कोडिंग या मैथ्स से दूर भागते हैं, तो UX डिज़ाइन आपके लिए बनी है। हर कंपनी चाहती है कि उसका ऐप या वेबसाइट यूज़र्स को अच्छा अनुभव दे, और यही एक UX डिज़ाइनर का काम होता है।
क्या है?
यह यूज़र के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए प्रोडक्ट की संरचना, डिज़ाइन और उसके इस्तेमाल में आसानी पर फोकस करता है।
कहाँ सीखें?
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Google का “UX Design Professional Certificate” कोर्स Coursera पर मुफ़्त है। यह Figma, वायरफ्रेमिंग, प्रोटोटाइपिंग और यूज़र रिसर्च सिखाता है और इसमें 3 रियल-वर्ल्ड प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं।
4. सोशल मीडिया मार्केटिंग (Social Media Marketing)
क्यों है ज़रूरी?
दुनिया भर में 4.9 अरब से ज़्यादा सोशल मीडिया यूज़र्स हैं। 2030 तक, बिज़नेस की ग्रोथ का सबसे बड़ा ज़रिया सोशल मीडिया ही होगा। ऐसे में क्रिएटिव कंटेंट बनाने और AI टूल्स को समझने वाले प्रोफेशनल्स की डिमांड आसमान छूएगी।
क्या है?
इसमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए स्ट्रैटेजी बनाना, कंटेंट क्रिएट करना, एड्स चलाना और उनके परिणामों को मापना शामिल है।
कहाँ सीखें?
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HubSpot का “Social Media Marketing Certification Course” 100% मुफ़्त है। यह 5 घंटे का कोर्स है जिसमें सोशल मीडिया मार्केटिंग के A to Z सिखाए जाते हैं।
5. प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग (Prompt Engineering)
क्यों है ज़रूरी?
2025 तक 30% से ज़्यादा नौकरियाँ AI-आधारित होंगी। AI टूल्स (जैसे ChatGPT) को सही तरीके से इस्तेमाल करने और उन्हें सटीक निर्देश देने वालों की माँग तेज़ी से बढ़ रही है। भारत में AI स्किल्स की डिमांड में 135% का उछाल आया है।
क्या है?
इसका मतलर सिर्फ़ टाइपिंग नहीं, बल्कि AI को ऐसे स्पष्ट और पूर्ण निर्देश देना है कि वह हमारा मनचाहा और सही आउटपुट दे सके।
कहाँ सीखें?
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Cognitive Classes का “Prompt Engineering for Everyone” कोर्स सिर्फ़ 5 घंटे का है और पूरी तरह मुफ़्त है। इसे करने के बाद आपको एक सर्टिफिकेट भी मिलता है।
6. साइबर सिक्योरिटी (Cyber Security)
क्यों है ज़रूरी?
जैसे-जैसे दुनिया डिजिटल हो रही है, ऑनलाइन धोखाधड़ी और डेटा चोरी का खतरा भी बढ़ रहा है। कंपनियाँ अपने डेटा और सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए एथिकल हैकर्स और सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स की तलाश में हैं। यह टेक इंडस्ट्री की टॉप 5 सबसे ज़्यादा डिमांड वाली नौकरियों में से एक है।
क्या है?
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स नेटवर्क, सिस्टम और डेटा को साइबर हमलों से बचाते हैं।
कमाई:
एक फ्रेशर ₹6 लाख सालाना से शुरुआत कर सकता है, जबकि एक अनुभवी प्रोफेशनल ₹25-30 लाख सालाना तक कमा सकता है।
कहाँ सीखें?
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Google का “Cyber Security Professional Certificate” कोर्स Coursera पर मुफ़्त है। यह 6 महीने का कोर्स है, लेकिन इसे 3 महीने में पूरा करके आप एंट्री-लेवल जॉब के लिए तैयार हो सकते हैं।
